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नाटो ने सैनिकों को यूक्रेन भेजने से क्यों इनकार किया ?

नाटो ने सैनिकों को यूक्रेन भेजने से क्यों इनकार किया ?
नाटो ने सैनिकों को यूक्रेन भेजने से क्यों इनकार किया ?

खबर है कि रूसी सैनिक बहुत तेजी से यूक्रेन के अंदर बढ़ती जा रही है। यूक्रेन के लगभग सभी बड़े शहरों पर रूसी सैनिक हमला कर रहे हैं। यूक्रेन से बड़ी तबाही की खबर आ रही है। अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों ने रूसी हमले का विरोध किया है। लेकिन इस बीच नाटो ने कहा है कि वह अपने सैनिकों को kraine नहीं भेजेगा।

नाटो का कहना है कि यूक्रेन नाटो का सदस्य राष्ट्र नहीं है। इसलिए नाटो के चार्टर के अनुसार यूक्रेन को सैनिक सहायता नहीं दी जा सकती है। लेकिन नाटो के इस फैसले का सियासी अर्थ भी है।

नाटो ने ukraine पर रूसी हमले का कड़ा विरोध किया है। नाटो ने इस हमले को पूरे यूरोपीय महाद्वीप में तनाव और अशांति बढ़ाने वाला बताया है। नाटो के प्रमुख येन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि रूस ठंढी दिमाग से सावधानी पूर्वक लंबी योजना बना कर ukraine पर अटैक किया है। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि इसने यूक्रेन को सैनिक सहायता भेजने से क्यों इनकार कर रहा है?

यूक्रेन बना चुका है बलि का बकरा!

ukraine को उम्मीद है कि नाटो उसकी सैन्य सहायता करेगा लेकिन जब युद्ध की बारी आई तो नाटो ने चार्टर का हवाला दे कर सैन्य सहायता भेजने से इनकार कर दिया है। नाटो का कहना है ukraine उसका सदस्य राष्ट्र नहीं है इसलिए वहां सेना नहीं भेजी जा सकती है। सोवियत संघ के विघटन के साथ ही यूक्रेन का झुकाव नाटो की ओर रहा है। लेकिन युद्ध की स्थिति में सैन्य सहायता न मिलना चिंता जनक है। अंतरराष्ट्रीय संबंध की समझ रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और नाटो यानी यूरोपीय देश रूस की वर्तमान विदेशी नीति को समझना चाहते हैं। इन देशों को यह समझना था कि वर्तमान हालात में रूस अपने पड़ोसियों के बारे में क्या सोचता है। आज के समय युद्ध करना कठिन होता है।

परमाणु संपन्न राष्ट्र है ukraine

ukraine परमाणु सम्पन्न राष्ट्र है। जब सोवियत संघ का विघटन हुआ था उस वक्त ukraine दुनिया में तीसरे नम्बर का परमाणु संपन्न राष्ट्र था। ऐसे में रूस किस हद तक ukraine से लड़ सकता, यही नाटो और अमेरिका समझना चाहते थे। इसलिए इन मुल्कों द्वारा यूक्रेन को रूस के प्रति लड़ने के लिए उसकाया गया। यूक्रेन भी रूस को अप्रत्यक्ष रूप से परमाणु हमले की चेतावनी देता रहा है। इसलिए रूस को अपनी सामरिक महत्व प्रदर्शित करने के लिए ukraine पर हमला करना पड़ा।

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Cartoonist Irfan

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