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यूपी चुनाव में योगी ने चली ‘जिन्ना बनाम सरदार पटेल’ की चाल

यूपी चुनाव
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उत्तर प्रदेश के चुनाव में अब धार्मिक जुमलों का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है। विधानसभा चुनाव करीब आते ही सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। इस चुनाव में अब जाति-धर्म आधारित जुमलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। समाजवादी पार्टी ओबीसी जातियों की योगी सरकार में कथित उपेक्षा को बल दे रही हैं वही कुछ ब्राह्मण संगठन राजपूत के मुकाबले ब्राह्मणों की उपेक्षा का मसला उठा रहे हैं। यूपी में ब्राह्मणों का एक बड़ा वर्ग है जो योगी सरकार पर आरोप लगाता है कि नौकरी, प्रमोशन और ट्रांसफर में राजपूत जाति के लोगों का वर्चस्व कायम हो चुका। इस तरह राज्य के चुनाव में जातिवादी प्रभावों से  वोट ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जाति आधारित वोटों के ध्रुवीकरण से भाजपा को खतरा

उत्तर प्रदेश के चुनाव में जाति आधारित वोटों का जितना अधिक ध्रुवीकरण होगा भाजपा खेमे में उतना ही अधिक निराशा की स्थिति कायम हो जाएगी। क्योंकि समाजवादी पार्टी , बसपा आदि सभी क्षेत्रीय पार्टियां किसी न किसी जातियों का प्रतिनिधित्व करती ही है। इस तरह वोटों का बिखराव भाजपा के लिए हार का सबब हो सकता है। इसलिए भाजपा हिंदुत्व की बात करती है क्योंकि हिंदुत्व के मुद्दे से जातिवादी वोटों का बिखराव रुक सकता है। यही कारण है कि योगी आदित्यनाथ ने ‘जिन्ना बनाम सरदार पटेल’ की बात छेड़ी है। जाहिर है इस तरह के बयान से यूपी की राजनीति में वो मुस्लिम बनाम हिन्दू का मुद्दा भुनाना चाहते हैं।

 दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर अखिलेश यादव सरकार के मुस्लिम तुष्टिकरण की बात को हवा दे दी है। उन्होंने ट्वीट अखिलेश यादव पर जिन्ना उपासक होने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि “वे जिन्नाके उपासक है, हम ‘सरदार पटेल’ के पुजारी हैं।  उनको पाकिस्तान प्यारा है, हम माँ भारती पर जान न्योछावर करते हैं”

पाकिस्तान और जिन्ना से जुड़े स्लोगन का इस्तेमाल

हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब चुनाव में भाजपा की ओर से पाकिस्तान और जिन्ना से जुड़े स्लोगन का इस्तेमाल किया गया हो। ऐसा अक्सर होता है। लेकिन ऐसा तभी होता है जब भाजपा को डर सताने लगता है कि क्षेत्रीय पार्टियां जाति के आधार पर अपने पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ट्वीट के जवाब में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जवाब दिया है कि भाजपा हिन्दू-मुसलमान करना चाहती है। हालांकि अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के हमले का बहुत ही संयमित जवाब दिया है। क्योंकि यह बात उन्हें अच्छी तरीके पता है कि यूपी जैसे राज्यों में चुनाव में हिन्दू मुसलमान मुद्दे के गर्म होने से फायदा केवल भाजपा को ही होता है। दलित औऱ ओबीसी वोटों का एक बड़ा हिस्सा भाजपा की झोली में चला जाता है। यही कारण है कि अखिलेश यादव ने योगी के इस हमले का नपा तुला जवाब ही दिया है।

योगी आदित्यनाथ के ’80 फीसदी बनाम 20 फीसदी’ का क्या है मतलब?

जिन्ना बनाम पटेल वाले बयान से पहले भी योगी आदित्यनाथ ने एक साम्प्रदायिक बयान दिया था। हालांकि उनके बयान का असर स्वामी प्रसाद मौर्य की भाजपा से बगावत करते ही खत्म हो गया। योगी आदित्यनाथ ने यूपी चुनाव में आचार संहिता लगने के तुरंत बाद ही 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी वाला बयान दिया था। लाजमी है इनके इस बयान का सीधा सम्बंध हिन्दू बनाम मुसलमान से है।

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