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सपा और भाजपा में जुबानी व्यंग

सपा और भाजपा में जुबानी व्यंग
सपा और भाजपा में जुबानी व्यंग

 उत्तर प्रदेश की राजनीति में अभी आरोप प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है। भाजपा बगावत की समस्या से जूझ रही है। लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में जाने के बाद सरकार में ओबीसी उपेक्षा का जो विवाद शुरू हुआ था वह अब थम चुका है। इसका मतलब यह हुआ कि

समाजवादी पार्टी ने ओबीसी जाति के मसले के जरिए हिंदुत्व के मुद्दे में सेंध लगानी चाही थी उसे भाजपा काफी हद तक कंट्रोल करती हुई दिख रही है। इसका ही परिणाम है कि भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी में गए स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को टिकट नहीं दिया गया। मौर्य के बेटे को सपा टिकट नहीं दे रही।

 कहा जा रहा है कि भाजपा में अपने बेटे सहित कुछ एक पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं मिलने के कारण ही उन्होंने पार्टी छोड़ी थी। व्यक्तिगत तौर पर उनको तो पार्टी (भाजपा) टिकट दे ही रही थी लेकिन उनके बेटे बहु को टिकट नहीं दे रही थी। अब समाजवादी पार्टी ने भी उनके बेटे बहु को टिकट नहीं दिया है। यहां भी सिर्फ स्वामी प्रसाद को ही टिकट दिया जा रहा है।

इस बात का मतलब यह निकाला जा सकता है कि स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा के खिलाफ ओबीसी को गोलबंद करने की जो पहल कर रहे हैं उसमें अब कोई बड़ी सफलता मिलती नहीं दिख रही है।

इधर समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। इसे लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी में जुबानी जंग जारी हो गया है।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस लिस्ट में शामिल अपराधिक छवि वाले नेताओं के नाम पर प्रहार किया है। उन्होंने सपा के लिस्ट को तमंचावादी लिस्ट कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे तमंचावाद कहते हुए सपा के सरकार में अपराधियों के बढ़े बोलबाले पर व्यंग किया है। इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने भाजपा के मुख्यमंत्री पर प्रहार किया है। सपा के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है कि 2017 में जब अदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी उस वक्त भी उनके पास उनका आपराधिक इतिहास था।

सपा ने तो यहाँ तक आरोप लगा दिया है कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद सत्ता की ताक़त के रौब से अपने ऊपर के  सभी मुक़दमे को ख़ुद ही ख़त्म करवा दिए। सपा का कहना है कि देश के इतिहास का पहला मामला होगा जिसमें किसी मुख्यमंत्री ने अपने आपराधिक मामले ख़ुद ख़त्म कर लिए हों!

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