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क्या आप जानते हैं यूपी चुनाव का अमेरिकी कनेक्शन !

यूपी चुनाव
यूपी चुनाव

आप ने कभी सोचा है कि अगर उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है और योगी आदित्यनाथ दुबारा राज्य के मुख्यमंत्री बनते हैं तो इसका प्रभाव सिर्फ देश के चुनाव पर ही नहीं पड़ेगा बल्कि अमेरिका के चुनाव पर भी पड़ सकता है। चौकिए मत! यह सच है कि यूपी में भाजपा की सरकार बनने का प्रभाव अमेरिका की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के ज्वलंत हिंदूवादी नेतृत्व हैं।वैश्विक स्तर पर भारतीय राजनीति का स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। यूपी में भाजपा की जीत को राजनीतिक गलियारों में लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

अगर यूपी में भाजपा की जीत होती है तो देश की राजनीति में नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और आरएसएस इन तीनों का प्रभाव और बढ़े जाएगा। इससे हिंदुत्ववादी डिस्कोर्स को बढ़ावा मिलेगा। हिंदुत्ववादी डिस्कोर्स की इन तीनो के राजनीतिक प्रभाव की मूल पूंजी है। देश में सत्ता की ओर से जब हिंदुत्ववादी विचारों को बढ़ाया जाता है तो इसकी खनक विदेशों में भी सुनाई देती है। अमेरिका सहित यूरोप के सभी वामपंथी नेता हिंदुत्ववादी नीति को अल्पसंख्यकों के लिए हानिकारक बताते हैं।

अमेरिका की राजनीति में इसे ‘हिन्दुफोबिया’ के रूप में देखा जा सकता है। अमेरिका के कुछ वामपंथी नेता जब दुनिया के अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात करते हैं तो वहां की राजनीति में इसे अमेरिका में रहने वाले हिन्दू मूल के अमेरिकी नागरिकों की उपेक्षा के साथ जोड़ दिया जाता है। अमेरिका में रहने वाले हिन्दू मूल के नागरिकों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी गरमा जाता है। वहां रहने वाले हिन्दू मूल के नागरिकों के साथ भेदभाव की खबरे अमेरिका से अक्सर आती है। इसे वहां के हिन्दू मूल के नेता इसे ‘हिन्दुफोबिया’ के रूप में मुद्दा बनाते हैं। उनका आरोप रहता है कि वहां उनके साथ बेवजह भेदभाव किया जाता है।

साल 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हिन्दुफोबिया को एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया गया था। डेमोक्रेट की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर रहीं तुलसी गवार्ड ने हिन्दुफोबिया को मुद्दा बनाया था। उन्होंने वहां हिंदुओं के साथ होने वाले भेदभाव को चुनाव में जमकर भुनाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिका में हिन्दू मूल के अमेरिकी नागरिकों के साथ बेवजह नफरत फैलाया जा रहा है। उस वक्त एक हिंदू महिला के साथ अमेरिकी कैब ड्राइवर की भयावह बहसबाजी की खबर आई थी जिसमे उस कैब ड्राइवर उस महिला को हिन्दू होने के कारण खतरनाक बता रहा था।

कौन है तुलसी गबार्ड ?

तुलसी गबार्ड हिन्दू मूल की अमेरिकी नागरिक हैं । ये पहली हिंदू अमेरिकी महिला कांग्रेस सदस्य भी है। तुलसी गबार्ड ने 2020 राष्ट्रपति के लिए चुनाव प्रचार कर रही थी जिसमें इन्होंने हिन्दुफोबिया का मामला उठाया था।

अमेरिका में हिन्दू मूल के अमेरिकी मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक है। इनके वोटों के बिना चुनाव जीतना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं है। रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रम्प और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बायडेन हिन्दू मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किए हैं। ऐसे में हिन्दुफोबिया का मसला बहुत अधिक मायने रखता है।

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