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देशभक्ति की तीन बेमिसाल कहानियां जो यूक्रेन में सदियों तक याद रखी जाएगी |Russia Ukraine War

Russia Ukraine War
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Russia Ukraine War News : रूसी सैनिकों के अटैक के बाद यूक्रेन भीषण युद्ध की चपेट में है। यूक्रेन के लगभग सभी शहरों में रूसी सैनिक प्रवेश कर गए हैं। हालांकि यूक्रेन के सैनिक जज्बे और वीरता के साथ युद्ध कर रहे हैं फिर भी रूसी सैनिक यूक्रेन के सैनिकों पर भारी पड़ते जा रहे है। ऐसे में यहां के नागरिकों ने भी अपने अपने स्तरों पर रूसी सैनिकों का विरोध करना शुरू कर दिया है। इनमें नागरिकों के वीरता और समर्पण की तीन कहानियां बड़ी चर्चा में है। सोशल मीडिया में इनकी वीरता का वीडियो तेजी से वारयल हो रहा है।

हेनिचेस्क में एक यूक्रेनी बुजुर्ग महिला भिड़ गई रूसी सैनिक से

घटना यूक्रेन के हेनिचेस्क शहर की है। यहाँ एक बुजुर्ग महिला रूसी सैनिक से भिड़ गई और उसे यूक्रेन छोड़ अपने देश वापस जाने को कहती है। यह महिला बंदूक ताने खड़े सैनिक को उंगली दिखाकर बोलती है कि आप बिन बुलाए मेरे देश में क्यों आए हैं? वह महिला सूरजमुखी के बीज को देते हुए कहती है कि इसे तुम अपनी जेब रख लो। क्योंकि जब यहां तुम शाहिद हो जाओगे और आपको यूक्रेन की धरती में ही दफन किया जाएगा तो आप फूल बन उग सकोगे। इस तरह रूसी सैनिकों को डपटते हुए उस बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो रहा है।

एक इंजीनियर ने रूसी टैंकों को रोकने के लिए अपने आप को बम से उड़ाया

देश की रक्षा करने के लए यूक्रेनी सेना की वीरता की कई कहानियां है। उसमें एक इंजीनियर के शहीद होने की खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। यूक्रेन के एक इंजीनियर ने रूसी टैंकों को मार्च रोकने के लए पुल के साथ खुद को उड़ा लिया। क्रीमिया के पेरेकॉप इलाके के पास रूसी सैनिकों को रोकने के लिए एक यूक्रेनी इंजीनियर ने अपने आप को बम से उड़ा दिया।

यह यूक्रेनी इंजीनियरिंग की टीम क्रीमिया के करीब पेरेकॉप इलाके के पास थी। विताली स्काकुन वोलोडिमिरोविच इस टीम की कमान संभाल रहे थे। इन्हें खबर मिली कि यही एक पुल पर रूसी सेना की टुकड़ी गुजरने वाली है। उसे रोकने के लिए उस पुल को नष्ट करना आवश्यक था। लेकिन अगर उस पुल को नष्ट करने के लिए वहां मौजूद बमों से उड़ाने की स्थिति में उस बम को उस पुल में इंस्टॉल करना था। उसे इंस्टॉल करने के बाद उसे ऐक्टिव कर फिर वहां से किसी आदमी को भागने का वक्त नहीं मिल पाता।

विताली ने साहसिक कदम उठाते हुए पुल में विस्फोटक लगाने का निर्णय लिया। हालांकि उन्हें अहसास था कि वह विस्फोट से पहले समय पर बाहर नहीं निकल पाएंगे। इसके बावजूद उन्होंने पुल उड़ाने के मिशन को खुद करने का निर्णय लिया। इस मिशन को सफल करने के लिए उन्हें अपनी कुर्बानी देनी पड़ी। विताली की कुर्बानी से रूसी टैंकों की गति रुक गयी।

कीव के मेयर अपने भाई व्लादिमीर के कर रहे युद्ध

गौरतलब बात है कि यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर की उम्र 50 साल की है। यहां के मेयर का नाम विताली क्लीश्चको है। उन्होंने रूसी सैनिकों के खिलाफ हथियार उठा लिया है। इनकी एक फोटो वायरल हो रही है जिसमे यह सैनिकों के ड्रेस पहन हुए है। इनके साथ इनका चचेरा भाई व्लादिमीर क्लीश्चको भी रूस के खिलाफ लड़ाई के मैदान है। हैवीवेट बॉक्सिंग चैंपियन रह चुके दोनों देश की खातिर इस उम्र में भेज रूस के खिलाफ युद्ध कर रहे हैं।

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