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प्यास पर शायरी

प्यास पर शायरी

मुझे ये फ़िक्र सबकी प्यास अपनी प्यास है साक़ीतुझे ये ज़िद कि ख़ाली हैमेरा पैमाना बरसों सेमजरूह सुलतानपुरी ऐसी प्यास और ऐसा सब्रदरिया पानी पानी हैविकास शर्मा राज़ नहीं बुझती है प्यास आँसू सें लेकिनकरें...