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shairi on dosti

अदब/आदाब पर शायरी

अदब / आदाब पर शायरी

मुहब्बत के आदाब सीखो ज़राउसे जान कह कर पुकारा करोविकास शर्मा राज़ बन जाऊं ना बेगाना-ए-आदाब-ए-मोहब्बतइतना ना क़रीब आओ, मुनासिब तो यही हैजिगर आबाद य इक तो हमको अदब आदाब ने प्यासा रखाउसपे महफ़िल में सुरा...

ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजि...