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sardi best shairi

उक़ाब पर शायरी

उक़ाब पर शायरी

उड़ता हुआ उक़ाब तो आँखों में क़ैद हैअब देखिए उक़ाब के आगे कुछ और हैख़ुरशीद तलब उक़ाब उड़ता है जिस तरह आसमानों मेंबुलंदीयों में किया करता हूँ सफ़र तन्हाजावेद जमील हर क़दम कोई दरिन्दा कोई ख़ूँख़ार उक़ाब...

सर्दी पर शायरी

सर्दी पर शायरी

अब उदास फिरते हो सर्दीयों की शामों मेंइस तरह तो होता है इस तरह के कामों मेंशुऐब बिन अज़ीज़ ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझहम अपने शहर में होते तो घर गए होतेउम्मीद फ़ाज़ली कुछ तो हवा भी सर्द थी कु...