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parivar shayari

चाँद पर शाइरी

चाँद पर शाइरी

इस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगाआसमाँ पे चांद पूरा था मगर आधा लगाइफ़्तिख़ार नसीम कल चौधवीं की रात थी शब-भर रहा चर्चा तिराकुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तिराइबने इंशा ईद का चाँद तुमने देख ल...

बग़ावत पर शाइरी

बग़ावत पर शाइरी

मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत कामैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी सी होती हैबशीर बदर नहीं है अरे ये बग़ावत नहीं हैहमें सर झुकाने की आदत नहीं हैनीरज गोस्वामी हर शख़्स सर पे कफ़न बांध के निकलेहक़ के लिए ल...