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Moon Poetry in Hindi

चाँद पर शाइरी

चाँद पर शाइरी

इस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगाआसमाँ पे चांद पूरा था मगर आधा लगाइफ़्तिख़ार नसीम कल चौधवीं की रात थी शब-भर रहा चर्चा तिराकुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तिराइबने इंशा ईद का चाँद तुमने देख ल...