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matlabi shairi

ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजि...