शायरी

तस्वीर पर शायरी

कहा तस्वीर ने तस्वीर गर सेनुमाइश है मेरी तेरे हुनर सेअल्लामा इक़बाल۔मैं तेरी टाकूँ तस्वीर टांकों और फिरआसमां से चांद को चलता करूँफ़ैज़ मुहम्मद शेख़۔तेरी तस्वीर से करूँ बातेंहाय मुम्किन नहीं मुलाक़ातेंनामालूम۔मैं कहाँ देखने से थकता हूँतेरी तस्वीर थक गई होगीजून एलिया۔अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझेमेरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकलेनामालूम۔मुझे तस्वीर …

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