Home » jindgi shayari

jindgi shayari

चाँद पर शाइरी

प्यार की शाइरी

दिल धड़कने का सबब याद आयावो तरी याद थी अब याद आयानासिर काज़मी करूँगा क्या जो मुहब्बत में हो गया नाकाममुझे तो और कोई काम भी नहीं आताग़ुलाम मुहम्मद क़ासिर तेरे इशक़ की इंतिहा चाहता हूँमरी सादगी देख क्या...