माफ़ी पर शायरी

माफ़ी पर शायरी

वो करेंगे मेरा क़सूर माफ़हो चुका, कर चुके ज़रूर माफ़नूह नारवी۔ख़ुदा माफ़ करे ज़िंदगी बनाते हैंमरे गुनाह मुझे आदमी बनाते हैंनोमान शौक़۔माफ़ कीजीए गुस्ताख़ियाँ हमारी हैंलबों पे आपके ये तितलियाँ हमारी हैंसुदेश कुमार महर۔वो बेगुनाही हमारी माफ़ करता हैना फ़ैसला ही हमारे ख़िलाफ़ करता हैसईद शबाब۔जो दूसरों की ख़ताएँ माफ़ करते हैंदरअसल दिल से कुदूरत …

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