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husan ki tareef shayari

होंठों पर शायरी

होंठों पर शायरी

वस्ल में भी रहती है भूलने की बीमारीहोंट चूम आता हूँ गाल भूल जाता हूँ शायरी उस के लब पे सजती हैजिसकी आँखों में इशक़ होता है۔लफ़्ज़ टूटे लब-ए-इज़हार तक आते आतेमर गए हम तेरे मयार तक आते आते۔जे़रे लब ये ज...