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hindi mosam poetry

बहार पर शायरी

बहार पर शायरी

मैंने देखा है बहारों में चमन को जलतेहै कोई ख़ाब की ताबीर बताने वालाअहमद फ़राज़ मेरी ज़िंदगी पे ना मुस्कुरा मुझे ज़िंदगी का अलम नहींजिसे तेरे ग़म से हो वास्ता वो ख़िज़ां बहार से कम नहींशकील बद एवनी बहा...