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gulzaar shairi

नाव/कश्ती पर शायरी

नाव/कश्ती पर शायरी

अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डूबा के देखइक तू ही नाख़ुदा नहीं ज़ालिम ख़ुदा भी हैक़तील शिफ़ाई आता है जो तूफ़ाँ आने दे कश्ती का ख़ुदा ख़ुद हाफ़िज़ हैमुम्किन है कि उठती लहरों में बहता हुआ साहिल आ जायेबह्...