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ghar ghar ki kahani

aleena itrat

अलीना इतरत की ग़ज़ल

शाम के वक़्त चिराग़ों सी जलाई हुई मैंघुप अन्धेरों की मुन्डेरों पे सजाई हुई मैं देखने वालों की नज़रों को लगूँ सादा वरक़तेरी तहरीर में हूँ ऐसे छुपाई हुई मैं ख़ाक कर के मुझे सहरा में उड़ाने वालेदेख रक़्स...

पेड़ पर शायरी

कुन्दन

बेगम और बच्चे सीज़न के लिए नथैया गली रवाना हुए, प्लान के मुताबिक़मुझे भी दो दिन के बाद उनसे जा मिलना था , मगर मिनिस्टर साहिब के दौरे की वजह से सब सरकारी नौकरीयों वालों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गईं तो म...