डूबने पर शायरी

डूबने पर शायरी

जाने कितने डूबने वाले साहिल पर भी डूब गएप्यारे तूफ़ानों में रह कर इतना भी घबराना कियाख़लीक़ सिद्दीक़ी इस की आँखें हैं कि इक डूबने वाला इंसांदूसरे डूबने वाले को पुकारे जैसेइर्फ़ान सिद्दीक़ी तमाशा देख रहे थे जो डूबने का मेरेमेरी तलाश में निकले हैं कश्तियां लेकरनामालूम जहां तक डूबने का डर है तुमकोचलो हम …

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