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किताब पर शायरी

किताब पर शायरी

ये जो ज़िंदगी की किताब है ये किताब भी क्या किताब हैकहीं एक हसीन सा ख़ाब है कहीं जान-लेवा अज़ाब हैराजेश रेड्डी۔कोई सूरत किताब से निकलेयाद सूखे गुलाब से निकलेसमीर कबीर۔जब भी कोई किताब लिखूँगातेरे नाम इं...

इल्म पर शायरी

इल्म पर शायरी

मज़हबी बेहस मैंने की ही नहींफ़ालतू अक़ल मुझमें थी ही नहींअकबर इला आबादी ये इलम का सौदा ये रिसाले ये किताबेंइक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैंजां निसार अख़तर इल्म में भी सुरूर है लेकिनये वो जन्नत ह...

बदन पर शायरी

बदन पर शायरी

उफ़ वो मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदनदेखने वाले उसे ताज-महल कहते हैंक़तील शिफ़ाई किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहींवो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहींफ़र्हत एहसास तुझ सा कोई जहान में नाज़ुक ब...

ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजि...