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dr vinay kumar poetry

ghazal/shairi

विनय कुमार की शायरी

मछली सी आँखें लिए कवि: विनय कुमार मछलियों के बग़ैर कितना दुस्तर होता यह जीवन समुद्रशुक्र है कि जीवन के बाहर समुद्र है और समुद्र में मछलियाँजिन्हें पानी की डालों से तोड़ती हूँ रोज़ औरसूखी टोकरी में सजा...