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doori shairi

Shishir Somvanshi

विदाई शायरी

इस गली ने ये सुनके सब्र कियाजानेवाले यहां के थे ही नहींजून ईलिया अब तो जाते हैं बुत-कदे से मीरफिर मिलेंगे अगर ख़ुदा लायामीर तक़ी मीर उसको रुख़स्त तो किया था मुझे मालूम ना थासारा घर ले गया, घर छोड़ के ...