Home » chand shairi

chand shairi

चाय पर शायरी

चाय पर शायरी

हमसे नफ़रत कुछ यूं भी निभाई गईहमारे सामने चाय बना के औरों को पिलाई गईनामालूम۔चाय मेरी ज़िंदगी में लाज़िम है ऐसेआशिक़ को महबूब का दीदार हो जैसेनामालूम ۔पुरतकल्लुफ़ सी महकती वो सुहानी चायअब कहाँ हमको मय...

ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजि...