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bhakti shayari

दरबार पर शायरी

दरबार पर शायरी

सर झुका कर शाह के दरबार मेंछेद हमने सौ किए दस्तार मेंनबील अहमद नबील पिंदार शब-ए-ग़म का दरबार सलामत हैपर शमा-ए-फ़रोज़ाँ का इनकार सलामत हैआतिफ़ तौक़ीर क़सीदे ले के सारे शौकत दरबार तक आएहमीं दो-चार थे जो...

इंक़िलाब शायरी

इंक़िलाब शायरी

कुछ उसूलों का नशा था कुछ मुक़द्दस ख़ाब थेहर ज़माने में शहादत के यही अस्बाब थेहसननईम हम परवरिश लौह-ओ-क़लम करते रहेंगेजो दिल पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगेफ़ैज़ अहमद फ़ैज़ हम अमन चाहते हैं मगर ज़ुलम के ...

चाँद पर शाइरी

प्यार की शाइरी

दिल धड़कने का सबब याद आयावो तरी याद थी अब याद आयानासिर काज़मी करूँगा क्या जो मुहब्बत में हो गया नाकाममुझे तो और कोई काम भी नहीं आताग़ुलाम मुहम्मद क़ासिर तेरे इशक़ की इंतिहा चाहता हूँमरी सादगी देख क्या...