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best love shairi

शायरी

तस्वीर पर शायरी

कहा तस्वीर ने तस्वीर गर सेनुमाइश है मेरी तेरे हुनर सेअल्लामा इक़बाल۔मैं तेरी टाकूँ तस्वीर टांकों और फिरआसमां से चांद को चलता करूँफ़ैज़ मुहम्मद शेख़۔तेरी तस्वीर से करूँ बातेंहाय मुम्किन नहीं मुलाक़ातें...

होंठों पर शायरी

होंठों पर शायरी

वस्ल में भी रहती है भूलने की बीमारीहोंट चूम आता हूँ गाल भूल जाता हूँ शायरी उस के लब पे सजती हैजिसकी आँखों में इशक़ होता है۔लफ़्ज़ टूटे लब-ए-इज़हार तक आते आतेमर गए हम तेरे मयार तक आते आते۔जे़रे लब ये ज...

एक सुन्दर कविता

प्रेमिका के लिए एक सुन्दर कविता

दुआए नीम शबी अपने पाकीज़ा जज़्बों को गवाह बना करअब की बार भी ईद का चांद देखकरमैं दुआ माँगूँ अपने और तुम्हारे साथ कीबस तुम इतना करनाकि जब मेरी आँखों का नमकीन पानीमेरी फैली हथेली पर गिरेतो मेरी दुआए नीम...

झील पर शायरी

झील पर शायरी

वो लाला बदन झील में उतरा नहीं वर्नाशोले मुतवातिर इसी पानी से निकलतेमहफ़ूज़ अलरहमान आदिल सामने झील है झील में आसमाँआसमाँ में ये उड़ता हुआ कौन हैफ़ारूक़ शफ़क़ सूख गई जब आँखों में प्यार की नीली झील क़तील...

कागज पर शायरी

कागज पर शायरी

लिख के रख देता हूँ अलफ़ाज़ सभी काग़ज़ परलफ़्ज़ ख़ुद बोल के तासीर बना लेते हैंमुहम्मद मुस्तहसिन जामी कभी मैं ढलता हूँ काग़ज़ पे नक़्श की सूरतमैं लफ़्ज़ बन के किसी की ज़बां में तैरता हूँख़ावर नक़वी हर ल...

मुस्कुराहट पर शायरी

मुस्कुराहट पर शायरी

हमारी मुस्कुराहट पर ना जानादिया तो क़ब्र पर भी जल रहा हैआनिस ए ग़म-ए-ज़िंदगी ना हो नाराज़मुझको आदत है मुस्कुराने कीअबद अलहमेद अदम तुम हँसो तो दिन निकले चुप रहो तो रातें हैंकिस का ग़म कहाँ का ग़म सब फ़...

बदन पर शायरी

बदन पर शायरी

उफ़ वो मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदनदेखने वाले उसे ताज-महल कहते हैंक़तील शिफ़ाई किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहींवो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहींफ़र्हत एहसास तुझ सा कोई जहान में नाज़ुक ब...

बहार पर शायरी

बहार पर शायरी

मैंने देखा है बहारों में चमन को जलतेहै कोई ख़ाब की ताबीर बताने वालाअहमद फ़राज़ मेरी ज़िंदगी पे ना मुस्कुरा मुझे ज़िंदगी का अलम नहींजिसे तेरे ग़म से हो वास्ता वो ख़िज़ां बहार से कम नहींशकील बद एवनी बहा...

अदब/आदाब पर शायरी

अदब / आदाब पर शायरी

मुहब्बत के आदाब सीखो ज़राउसे जान कह कर पुकारा करोविकास शर्मा राज़ बन जाऊं ना बेगाना-ए-आदाब-ए-मोहब्बतइतना ना क़रीब आओ, मुनासिब तो यही हैजिगर आबाद य इक तो हमको अदब आदाब ने प्यासा रखाउसपे महफ़िल में सुरा...

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