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bachpan ka pyar shairi

बचपन पर शायरी

बचपन पर शायरी

बच्चों के छोटे हाथों को चांद सितारे छूने दोचार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाऐंगेनिदा फ़ाज़ली उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा मेंफिर लौटके बचपन के ज़माने नहीं आतेबशीर बदर मेरे रोने का जिसमें क़िस...