ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजिए फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ हैनिदा फ़ाज़ली ज़िंदगी ज़िंदा-दिल्ली का है नाममुर्दा-दिल ख़ाक जिया करते हैंइमाम …

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