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aankhon par shairi

झील पर शायरी

झील पर शायरी

वो लाला बदन झील में उतरा नहीं वर्नाशोले मुतवातिर इसी पानी से निकलतेमहफ़ूज़ अलरहमान आदिल सामने झील है झील में आसमाँआसमाँ में ये उड़ता हुआ कौन हैफ़ारूक़ शफ़क़ सूख गई जब आँखों में प्यार की नीली झील क़तील...