बहन पर शायरी

बहन पर शायरी

ज़िंदगी-भर की हिफ़ाज़त की क़सम खाते हुएभाई के हाथ पे इक बहन ने राखी बाँधीनामालूम किसी के ज़ख़म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगाअगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगामुनव्वर राना बहनों की मुहब्बत की है अज़मत की अलामतराखी का है तहवार मुहब्बत की अलामतमुस्तफ़ा अकबर बहन का प्यार जुदाई से कम नहीं होताअगर …

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