अपनों से धोखा शायरी इन हिंदी

इंतज़ार पर शायरी

इंतज़ार पर शायरी

माना कि तेरी दीद के काबिल नहीं हूँ मैंतू मेरा शौक़ देख, मेरा इंतिज़ार देखअल्लामा इक़बाल۔मुंतज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैंकौन आएगा यहां कौन है आने वालाअहमद फ़राज़۔शायद तुम आओ मैंने इसी इंतिज़ार मेंअब के बरस की ईद भी तन्हा गुज़ार दीनामालूम۔बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हमकोदेर से इंतिज़ार है अपनामीर तक़ी मीर۔शब-ए-इंतिज़ार …

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बेवफ़ाई पर शायरी

बेवफ़ाई पर शायरी

इश्क़-ए-रवां की नहर है और हम हैं दोस्तोउस बेवफ़ा का शहर है और हम हैं दोस्तोमुनीर नियाज़ी۔भूलना था तो ये इक़रार किया ही क्यों थाबेवफ़ा तू ने मुझे प्यार किया ही क्यों थानामालूम۔कौन उठाएगा तुम्हारी ये ख़फ़ा मेरे बादयाद की ही बहुत मेरी वफ़ा मेरे बादअमीर मीनाई۔मेरी वफ़ा फ़रेब थी, मेरी वफ़ा पे ख़ाक डालतुझ …

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तकिये पर शायरी

तकिये पर शायरी

फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझको रात-भर रखाकभी तकिया इधर रखा कभी तकिया इधर रखाअमीर मीनाई चलो तकिया तुम्हारे ही सिरहानेवगरना रात-भर झगड़ा करोगीदीपक शर्मा दीप गर भरोसा है हमें अब तो भरोसा तेराऔर तकिया है अगर तेरे ही दर का तकियाइंशा-अल्लाह ख़ां इंशा है ये तकिया तरी अताओं परवही इसरार है ख़ताओं परअलताफ़ हुसैन हाली एक …

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ज़िन्दगी पर शायरी

ग़ुरूर / घमंड पर शायरी

ग़ुरूर / घमंड पर शायरी आसमां इतनी बुलंदी पे जो इतराता हैभूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता हैवसीम बरेलवी शोहरत की बुलंदी भी पल-भर का तमाशा हैजिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती हैबशीर बदर अदा आई जफ़ा आई ग़रूर आया हिजाब आयाहज़ारों आफ़तें लेकर हसीनों पर शबाब आयानूह नार्वे वो …

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