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गुलजार शायरी जिंदगी

तन्हाई पर शायरी

तन्हाई पर शायरी

तेरा पहलू तेरे दिल की तरह आबाद रहेतुझपे गुज़रे ना क़ियामत शब-ए-तन्हाई कीपरवीन शाकिर۔तेरे होते हुए आ जाती है सारी दुनियाआज तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वालाअहमद फ़राज़۔वीरानी सी वीरानी है तन्हाई सी तन्हाई...

सेहत पर शायरी

सेहत पर शायरी

मरीज़-ए-हिज्र को सेहत से अब तो काम नहींअगरचे सुबह को ये बच गया तो शाम नहींरजब अली बेग सरवर۔बज़ाहिर सेहत अच्छी है जो बीमारी ज़्यादा हैइसी ख़ातिर बुढ़ापे में हवस-कारी ज़्यादा हैज़फ़र इक़बाल۔शाह के है ग़...

अमन(शांति) पर शायरी

अमन (शांति) पर शायरी

अमन में हिस्सा छोड़ चुका हूँएक परिंदा छोड़ चुका हूँअक्स समस्ती पूरी۔अमन की कर ख़ैरात अता मेरे मौलाजंग-ओ-जदल को दूर हटा मेरे मौलासाहिल मुनीर۔कितना पुरअम्न है माहौल फ़सादाद के बादशाम के वक़्त निकलता नही...

नाव/कश्ती पर शायरी

नाव/कश्ती पर शायरी

अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डूबा के देखइक तू ही नाख़ुदा नहीं ज़ालिम ख़ुदा भी हैक़तील शिफ़ाई आता है जो तूफ़ाँ आने दे कश्ती का ख़ुदा ख़ुद हाफ़िज़ हैमुम्किन है कि उठती लहरों में बहता हुआ साहिल आ जायेबह्...

पेड़ पर शायरी

पेड़ पर शायरी

इन दरख़्तों से भी नाता जोड़िएजिन दरख़्तों का कोई साया नहींरौनक नईम आग भी बरसी दरख़्तों पर वहींकाल बस्ती में जहां, पानी का थासलीम शहज़ाद फलदार दरख़्तों ने रिझाया तो मुझे भीआज़ाद परिंदों के लिए शाख़-ओ-स...