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गुलज़ार दिल से शायरी

सेहत पर शायरी

सेहत पर शायरी

मरीज़-ए-हिज्र को सेहत से अब तो काम नहींअगरचे सुबह को ये बच गया तो शाम नहींरजब अली बेग सरवर۔बज़ाहिर सेहत अच्छी है जो बीमारी ज़्यादा हैइसी ख़ातिर बुढ़ापे में हवस-कारी ज़्यादा हैज़फ़र इक़बाल۔शाह के है ग़...

अमन(शांति) पर शायरी

अमन (शांति) पर शायरी

अमन में हिस्सा छोड़ चुका हूँएक परिंदा छोड़ चुका हूँअक्स समस्ती पूरी۔अमन की कर ख़ैरात अता मेरे मौलाजंग-ओ-जदल को दूर हटा मेरे मौलासाहिल मुनीर۔कितना पुरअम्न है माहौल फ़सादाद के बादशाम के वक़्त निकलता नही...

नाव/कश्ती पर शायरी

नाव/कश्ती पर शायरी

अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डूबा के देखइक तू ही नाख़ुदा नहीं ज़ालिम ख़ुदा भी हैक़तील शिफ़ाई आता है जो तूफ़ाँ आने दे कश्ती का ख़ुदा ख़ुद हाफ़िज़ हैमुम्किन है कि उठती लहरों में बहता हुआ साहिल आ जायेबह्...

ज़िन्दगी पर शायरी

ज़िन्दगी पर शायरी

जो गुज़ारी ना जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी हैजून ईलिया ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपांव फीलाओं तो दीवार में सर लगता हैबशीर बदर होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ हैइशक़ कीजि...