Home » गुड मॉर्निंग शायरी हिंदी

गुड मॉर्निंग शायरी हिंदी

हक़ पर शायरी

हक़ पर शायरी

सारी गवाहियाँ तो मेरे हक़ में आ गईंलेकिन मेरा बयान ही मेरे ख़िलाफ़ थानफ़स अंबालवी उसी को जीने का हक़ है जो इस ज़माने मेंउधर का लगता रहे और इधर का हो जायेवसीम बरेलवी मैं दे रहा हूँ तुझे ख़ुद से इख़तिला...

चाँद पर शाइरी

प्यार की शाइरी

दिल धड़कने का सबब याद आयावो तरी याद थी अब याद आयानासिर काज़मी करूँगा क्या जो मुहब्बत में हो गया नाकाममुझे तो और कोई काम भी नहीं आताग़ुलाम मुहम्मद क़ासिर तेरे इशक़ की इंतिहा चाहता हूँमरी सादगी देख क्या...