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गम भरी शायरी वीडियो

शाम पर शायरी

शाम पर शायरी

तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बादकितने चुप-चाप से लगते हैं शजर शाम के बाद۔इतने चुप-चाप कि रस्ते भी रहेंगे ला इलमछोड़ जाऐंगे किसी रोज़ नगर शाम के बाद۔मैंने ऐसे ही गुनाह तेरी जुदाई में किएजैसे तूफ़ाँ ...

नफ़रत पर शायरी

नफ़रत (तास्सुब) पर शायरी

फ़साद, क़तल, तास्सुब, फ़रेब, मक्कारीसफ़ैद पोशों की बातें हैं क्या बताऊं मेंमुजाहिद फ़राज़۔ज़र्रे ज़र्रे में महक प्यार की डाली जायेबू तास्सुब की हर इक दिल से निकाली जायेदानिशध अलीगढ़ी۔तास्सुब की फ़िज़ा...

शिद्दत पर शायरी

शिद्दत पर शायरी

तुम्हारी याद की शिद्दत में बहने वाला अशकज़मीं में बो दिया जाये तो आँख उग आएहारिस बिलाल۔इक दूसरे से ख़ौफ़ की शिद्दत थी इस क़दरकल रात अपने आपसे मैं ख़ुद लिपट गयाफ़र्हत अब्बास ۔शिद्दते शौक़ में कुछ इतना उ...

याद पर शायरी

याद पर शायरी

याद वाबस्ता है जिसे भूल गया ख़लवत मेंतुम तो हर वक़त मेरे साथ रहा करते होइबरार मुजीब याद का दिल के दरीचे से गुज़र कैसे होतेरी तज्सीम मुकम्मल है मेरी आँखों मेंसदफ़ इक़बाल दिल में ज़ौक़-ए-वस्ल-ओ-याद-ए-या...

ख़ामोशी पर शायरी

ख़ामोशी पर शायरी

मुस्तक़िल बोलता ही रहता हूँकितना ख़ामोश हूँ मैं अंदर सेजून ईलिया हम लबों से कह ना पाए उनसे हाल-ए-दिल कभीऔर वो समझे नहीं ये ख़ामुशी क्या चीज़ हैनिदा फ़ाज़ली आपने तस्वीर भेजी मैंने देखी ग़ौर सेहर अदा अच...

बुढ़ापे पर शायरी

बुढ़ापे पर शायरी

बुढ़ापे पर शायरी कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लोटती नहींजा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के लाअबद अलहमेद अदम बूढ़ों के साथ लोग कहाँ तक वफ़ा करेंबूढ़ों को भी जो मौत ना आए तो क्या करेंअकबर इला आबादी सफ़र पीछे ...