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गम की शायरी

शाम पर शायरी

शाम पर शायरी

तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बादकितने चुप-चाप से लगते हैं शजर शाम के बाद۔इतने चुप-चाप कि रस्ते भी रहेंगे ला इलमछोड़ जाऐंगे किसी रोज़ नगर शाम के बाद۔मैंने ऐसे ही गुनाह तेरी जुदाई में किएजैसे तूफ़ाँ ...

नफ़रत पर शायरी

नफ़रत (तास्सुब) पर शायरी

फ़साद, क़तल, तास्सुब, फ़रेब, मक्कारीसफ़ैद पोशों की बातें हैं क्या बताऊं मेंमुजाहिद फ़राज़۔ज़र्रे ज़र्रे में महक प्यार की डाली जायेबू तास्सुब की हर इक दिल से निकाली जायेदानिशध अलीगढ़ी۔तास्सुब की फ़िज़ा...

शिद्दत पर शायरी

शिद्दत पर शायरी

तुम्हारी याद की शिद्दत में बहने वाला अशकज़मीं में बो दिया जाये तो आँख उग आएहारिस बिलाल۔इक दूसरे से ख़ौफ़ की शिद्दत थी इस क़दरकल रात अपने आपसे मैं ख़ुद लिपट गयाफ़र्हत अब्बास ۔शिद्दते शौक़ में कुछ इतना उ...

ग़म पर शायरी

ग़म पर शायरी

दिल नाउम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो हैलंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो हैफ़ैज़ अहमद फ़ैज़ कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाबआज तुम याद बे-हिसाब आएफ़ैज़ अहमद फ़ैज़ अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएं कैसेतेरी मर...

ग़म हुसैन पर शायरी

ग़म हुसैन पर शायरी

है लहू का क़ाफ़िला अब तक रवांऔर क़ातिल, कर्बला में रह गएअमजद इस्लाम अमजद यज़ीद आज भी बनते हैं लोग कोशिश सेहुसैन ख़ुद नहीं बनते ख़ुदा बनाता हैक़ासिर शेख़ पड़े मेहराब-ए-हरम में पहरों दो गाना पढ़ते रहोसज...

पत्थर पर शायरी

पत्थर पर शायरी

दिल पत्थर के लब पत्थर केजिसको देखो सब पत्थर केकृष्ण परवेज़۔पत्थर के ख़ुदा पत्थर के सनम पत्थर के ही इन्सां पाए हैंतुम शहर-ए-मोहब्बत कहते हो हम जान बचा कर आए हैंसुदर्शन फ़ाकिर۔तमाम फेंके गए पत्थरों पे भ...