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गजल बेवफा

वरुन आनन्द की ग़ज़ल

वरुन आनन्द की ग़ज़ल

ग़ज़ल वरुन आनन्द वो जिसके पाँव में रक्खे हों काइनात के फूलक़ुबूल कैसे करेगा वो मेरे हाथ के फूल बनी भी उस की किसी से तो सिर्फ़ हम से हीउसे पसंद भी आए तो काग़ज़ात के फूल किसी का तोहफ़ा किसी और को दिया उसन...