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खुश रहो शायरी

अदब/आदाब पर शायरी

अदब / आदाब पर शायरी

मुहब्बत के आदाब सीखो ज़राउसे जान कह कर पुकारा करोविकास शर्मा राज़ बन जाऊं ना बेगाना-ए-आदाब-ए-मोहब्बतइतना ना क़रीब आओ, मुनासिब तो यही हैजिगर आबाद य इक तो हमको अदब आदाब ने प्यासा रखाउसपे महफ़िल में सुरा...