Home » खुदगर्ज दोस्त शायरी

खुदगर्ज दोस्त शायरी

सूरज पर शायरी

सूरज पर शायरी

सूरज की किरण देख के बेज़ार हुए होशायद कि अभी ख़ाब से बेदार हुए होशहज़ाद अहमद तुम पे सूरज की किरण आए तो शक करता हूँचांद दहलीज़ पे रुक जाये तो शक करता हूँअहमद कमाल परवाज़ी बने हैं कितने चेहरे चांद सूरजग...