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कफन पर शायरी

क़ब्र पर शायरी

क़ब्र पर शायरी

शुक्रिया ऐ क़ब्र तक पहुंचाने वालो शुक्रियाअब अकेले ही चले जाऐंगे इस मंज़िल से हमक़मर जलालवी मकाँ है क़ब्र जिसे लोग ख़ुद बनाते हैंमैं अपने घर में हूँ या में किसी मज़ार में हूँमुनीर नियाज़ी चिराग़ उसने ब...