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उक़ाब पर शायरी

उक़ाब पर शायरी

उक़ाब पर शायरी

उड़ता हुआ उक़ाब तो आँखों में क़ैद हैअब देखिए उक़ाब के आगे कुछ और हैख़ुरशीद तलब उक़ाब उड़ता है जिस तरह आसमानों मेंबुलंदीयों में किया करता हूँ सफ़र तन्हाजावेद जमील हर क़दम कोई दरिन्दा कोई ख़ूँख़ार उक़ाब...