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इंस्टाग्राम हिंदी शायरी attitude

इन्क़िलाब शायरी

इन्क़िलाब शायरी

हम अमन चाहते हैं मगर ज़ुलम के ख़िलाफ़गर जंग लाज़िमी है तो फिर जंग ही सहीसाहिर लुधियानवी۔काम है मेरा तग़य्युर नाम है मेरा शबाबमेरा नारा इन्क़िलाब-ओ-इन्क़िलाब-ओ-इन्क़िलाबजोश मलीहाबादी۔और सब भूल गए हर्फ़...

व्यक्तित्व पर शायरी

व्यक्तित्व पर शायरी

तेरा वजूद तेरी शख़्सियत कहानी क्याकिसी के काम ना आए तो ज़िंदगानी क्यादिनेश कुमार۔शख़्सियत उसने चमकदार बना रखी हैज़हनीयत क्या कहें बीमार बना रखी हैगोविंद गुलशन۔तमाम शख़्सियत उस की हसीं नज़र आईजब उस के ...

वादा पर शायरी

वादा पर शायरी

वफ़ा करेंगे निबाहेंगे बात मानेंगेतुम्हें भी याद है कुछ ये कलाम किस का थादाग़ देहलवी ना कोई वाअदा ना कोई यक़ीं ना कोई उम्मीदमगर हमें तो तेरा इंतिज़ार करना थाफ़िराक़-गोरखपुरी आदतन तुमने कर दिए वादेआदतन ...

खुदा पर शायरी

खुदा पर शायरी

वो बुतों ने डाले हैं वस्वसे कि दिलों से ख़ौफ़-ए-ख़ुदा गयावो पड़ी हैं रोज़ क़यामतें कि ख़्याल-ए-रोज़ जज़ा गयानामालूम ख़ुदा को काम तो सौंपे हैं मैंने सब लेकिनरहे है ख़ौफ़ मुझे वां की बेनियाज़ी कामीर तक़...

दिसंबर पर शायरी

दिसंबर पर शायरी

दिसंबर की सर्दी है उसके ही जैसीज़रा सा जो छू ले बदन काँपता हैउम्मत शर्मा मय्यत ये साल भी उदासीयां देकर चला गयातुमसे मिले बग़ैर दिसंबर चला गयानामालूम दिसंबर की शब आख़िर ना पूछो किस तरह गुज़रीयही लगता थ...

मदद पर शायरी

मदद पर शायरी

किसी को कैसे बताएं ज़रूरतें अपनीमदद मिले ना मिले आबरू तो जाती हैनामालूम हम चराग़ों की मदद करते रहेऔर इधर सूरज बुझा डाला गयामनीष शुक्ला हमारे ऐब में जिससे मदद मिले हमकोहमें है आजकल ऐसे किसी हुनर की तला...

नैतिकता पर शायरी

नैतिकता पर शायरी

दोस्ती के नए आदाब लिए फिरते हैंलोग अब इतर में तेज़ाब लिए फिरते हैंफ़सीह अल्लाह नक़ीब हम लोग तो अख़लाक़ भी रख आए हैं साहिलरद्दी के इसी ढेर में आदाब पड़े थेख़ालिद मुल्क साहिल बस-कि दुशवार है हर काम का आ...

दुआ पर शायरी

दुआ पर शायरी

औरों की बुराई को ना देखूं वो नज़र देहाँ अपनी बुराई को परखने का हुनर देख़लील तनवीर हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बेदाग़अल्लामा इक़बाल अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा क...

कामयाबी पर शायरी

कामयाबी पर शायरी

हमको मिटा सके ये ज़माना में दम नहींहमसे ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहींजिगर आबाद य हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उठींवो फूल खुल के रहेंगे जो खिलने वाले हैंसाहिर लुधियानवी तू शाहीं है परवाज़ है काम तेर...

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