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आवारा गजल

haseeb soz

हसीब सोज़ की ग़ज़लें

रोज़ कुर्ते ये कलफ़-दार कहाँ से लाऊँ_तेरे मतलब का मै किरदार कहाँ से लाऊँ_दिन निकलता है तो सौ काम निकल आते हैं,ऐ ख़ुदा इतने मददगार_ कहाँ से लाऊँ सर बुलन्दओं के लिये सर भी कटा दूं लेकिनसर फिरों के लिये दस्...

अखिलेश तिवारी की ग़ज़ल

ग़ज़ल

ग़ज़ल कवि: अखिलेश तिवारी, करके सब उसके हवाले इन दिनों फ़ुर्सत में हूंकौन अक़्लो-दिल संभाले इन दिनों फ़ुर्सत में हूँ वो मसाइल ज़ीस्त के हों या तसव्वुफ़ के बयानकितने ही पन्ने खंगाले इन दिनों फ़ुर्सत में हूँ घर ...

Poet: Saleem Javed

सलीम जावेद की ग़ज़ल

ग़ज़ल कवि:सलीम जावेद वहशत से नारसाई से ग़म से फि़राक़ सेइन सब से वास्ता है मिरा इत्तेफा़क़ से इंसानियत के प्यार के महरो खुलूस केगा़यब हैं सब चराग़ मिरे घर के ताक़ से मैं ने विसाल लिख दिया कल आसमान परखु़...

ghazal/shairi

विनय कुमार की शायरी

मछली सी आँखें लिए कवि: विनय कुमार मछलियों के बग़ैर कितना दुस्तर होता यह जीवन समुद्रशुक्र है कि जीवन के बाहर समुद्र है और समुद्र में मछलियाँजिन्हें पानी की डालों से तोड़ती हूँ रोज़ औरसूखी टोकरी में सजा...

ग़ज़ल

अहमद सिदिक़ी की ग़ज़ल

ग़ज़ल ये क़लम है इसे ख़ून पिला कर लिक्खेंवरना जाऐं किसी और से जा कर लिक्खें हम सुख़न वाले सुख़न बेचते रहते हैं मगरआपका क्या है इसे झूट बता कर लिक्खें एक ही शख़्स है इस शह्र में भूका प्यासाऐसी ख़बरों स...

वरुन आनन्द की ग़ज़ल

वरुन आनन्द की ग़ज़ल

ग़ज़ल वरुन आनन्द वो जिसके पाँव में रक्खे हों काइनात के फूलक़ुबूल कैसे करेगा वो मेरे हाथ के फूल बनी भी उस की किसी से तो सिर्फ़ हम से हीउसे पसंद भी आए तो काग़ज़ात के फूल किसी का तोहफ़ा किसी और को दिया उसन...