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अपनों का दर्द शायरी

तन्हाई पर शायरी

तन्हाई पर शायरी

तेरा पहलू तेरे दिल की तरह आबाद रहेतुझपे गुज़रे ना क़ियामत शब-ए-तन्हाई कीपरवीन शाकिर۔तेरे होते हुए आ जाती है सारी दुनियाआज तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वालाअहमद फ़राज़۔वीरानी सी वीरानी है तन्हाई सी तन्हाई...

शाम पर शायरी

शाम पर शायरी

तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बादकितने चुप-चाप से लगते हैं शजर शाम के बाद۔इतने चुप-चाप कि रस्ते भी रहेंगे ला इलमछोड़ जाऐंगे किसी रोज़ नगर शाम के बाद۔मैंने ऐसे ही गुनाह तेरी जुदाई में किएजैसे तूफ़ाँ ...

नफ़रत पर शायरी

नफ़रत (तास्सुब) पर शायरी

फ़साद, क़तल, तास्सुब, फ़रेब, मक्कारीसफ़ैद पोशों की बातें हैं क्या बताऊं मेंमुजाहिद फ़राज़۔ज़र्रे ज़र्रे में महक प्यार की डाली जायेबू तास्सुब की हर इक दिल से निकाली जायेदानिशध अलीगढ़ी۔तास्सुब की फ़िज़ा...

मौत पर शायरी

मौत पर शायरी

फ़ानी हम तो जीते-जी वो मय्यत हैं बे गोर-ओ-कफ़नग़ुर्बत जिसको रास ना आई और वतन भी छूट गयाफ़ानी बद एवनी۔दफ़न जब ख़ाक में हम सोख़्ता-सामाँ होंगेफ़िल्स-ए-माही के गुल शम-ए-शबिस्ताँ होंगेमोमिन ख़ां मोमिन۔दफ़...

जुदाई पर शायरी

जुदाई पर शायरी

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिलेंजिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलेंअहमद फ़राज़ किस-किस को बताएँगे जुदाई का सबब हमतो मुझसे ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आअहमद फ़राज़ हुआ है तुझसे बिछड़ने के...

शिद्दत पर शायरी

शिद्दत पर शायरी

तुम्हारी याद की शिद्दत में बहने वाला अशकज़मीं में बो दिया जाये तो आँख उग आएहारिस बिलाल۔इक दूसरे से ख़ौफ़ की शिद्दत थी इस क़दरकल रात अपने आपसे मैं ख़ुद लिपट गयाफ़र्हत अब्बास ۔शिद्दते शौक़ में कुछ इतना उ...

डूबने पर शायरी

डूबने पर शायरी

जाने कितने डूबने वाले साहिल पर भी डूब गएप्यारे तूफ़ानों में रह कर इतना भी घबराना कियाख़लीक़ सिद्दीक़ी इस की आँखें हैं कि इक डूबने वाला इंसांदूसरे डूबने वाले को पुकारे जैसेइर्फ़ान सिद्दीक़ी तमाशा देख र...

तकिये पर शायरी

तकिये पर शायरी

फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझको रात-भर रखाकभी तकिया इधर रखा कभी तकिया इधर रखाअमीर मीनाई चलो तकिया तुम्हारे ही सिरहानेवगरना रात-भर झगड़ा करोगीदीपक शर्मा दीप गर भरोसा है हमें अब तो भरोसा तेराऔर तकिया है अग...