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Sadio Mane ने मिस्र को पेनल्टी पर हरा कर पहला अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का ताज जीता

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस
अफ्रीका कप ऑफ नेशंस

सेनेगल के लिए रविवार का दिन बहुत ही खुशियों भरा रहा। सेनेगल ने अपना पहला अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का ताज जीत लिया है। फाइनल में सेनेगल का मुख्य मुकाबला मिस्र के साथ रहा। फाइनल में मिस्र को पेनल्टी पर 4-2 से हराया। सेनेगल और मिस्र में 120 मिनट तक रोचक मुकाबला चला। चेल्सी के गोलकीपर एडौर्ड मेंडी ने सेनेगल को फायदा पहुंचाने के लिए चौथे राउंड में काफी प्रयास किया।

इस जीत से सेनेगल को मिला गौरवशाली अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का ताज

 सेनेगल के मुख्य कोच अलीउ सिसे ने इस ऐतिहासिक जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह हमारे लिए महत्वपूर्ण क्षण है। इस विजय के कारण हम अफ्रीकी चैंपियन बन पाए हैं। हम गर्व से कह सकते हैं कि हम अफ्रीकन चैम्पियन हैं। हालाँकि सेनेगल के लिए यह मुकाबला लंबा रहा है और कठिन रहा है। कई बार बहुत ही मुश्किल भरे क्षण आए। लेकिन सेनेगल के खिलाडियों ने कभी हार नहीं मानी।

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस क्या है ?

अफ्रीका कप ऑफ़ नेशंस अफ़्रीकी देशों का फुटबॉल एसोसिएशन है। यह फुटबॉल खेल से संबंधित है जो फुटबॉल मैच का आयोजन करती है। यह अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) द्वारा स्वीकृत है।

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस किस खेल से संबंधित है ?

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का पहली बार 1957 में आयोजित किया गया था। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि 1968 के बाद से हर दो साल में इसका आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन हर ऑड नंबर वाले साल में किया जाता है। 2013 में विषम संख्या वाले वर्षों में स्विच किया गया।

कौन हैं सदियो माने (Sadio Mané) ?

 सदियो माने (Sadio Mané) सेनेगल के एक पेशेवर फुटबॉल खिलाडी हैं। इनका जन्म 10 अप्रैल 1992 को हुआ है। सदियो माने (Sadio Mané) की विशेषता यह है कि ये प्रीमियर लीग क्लब लिवरपूल और सेनेगल की राष्ट्रीय टीम के लिए विंगर के रूप में खेलते हैं। इन्होने कई ख़िताब जीते और कई रिकॉड भी बनाएं। सदियो माने 2019 बैलोन डी’ओर के लिए चौथे स्थान पर रहे, और फीफा पुरुष खिलाड़ी के रूप में इन्हे 2019 और 2020 में नवाजा गया है।

हालांकि सेनेगल के लिए यह चुनौती भरा प्रदर्शन रहा। सबसे बड़ी बात यह रही कि पिछली दो अंतिम हार के बाद भी सेनेगल का संघर्ष जारी रहा। और अंत में कप ऑफ नेशंस विजेता का ताज हासिल कर के ही रहा। इधर मिस्र के झोली में आठवें महाद्वीपीय ताज न जा सका। अगर मिस्र की जीत होती तो सलाहा के लिए भी यह पहली जीत ही होती।

सेनेगल के लोग 60 साल से जीतना चाहते थे इस ट्रॉफी को

सेनेगल के कोच अलीउ सिसे के लिए यह बहुत ही भावुक करने वाला क्षण रहा। उन्होंने कहा है कि “सेनेगल का यह जीत इस बात का प्रमाण है कि कि अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं, अगर आप दृढ़ रहें, तो आपको वह मिलेगा जो आप चाहते हैं।”

अलीउ सिसे ने कहा कि यह सेनेगल के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। सेनेगल के लोग 60 साल से इस जीत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह किसी साकार हुए सपने की तरह ही है।

 अबू गबाल बने मैन ऑफ द मैच

 मिस्र के अबू गबाल को मैन ऑफ द मैच का ख़िताब मिला है। सेनेगल की जीत और मिस्र की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि “हम वास्तव में निराश हैं लेकिन यह फुटबॉल है, या तो आप जीतते हैं या आप हार जाते हैं। हमने मेहनत की लेकिन लेकिन खेल में कुछ भी हो सकता है। फुटबॉल में किसी मोड़ पर कुछ भी हो सकता है।

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