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RussiaUkraineConflict : क्या पुतिन सत्ता से बेदख़ल हो सकते हैं?

RussiaUkraineConflict : क्या पुतिन सत्ता से बेदख़ल हो सकते हैं?
RussiaUkraineConflict : क्या पुतिन सत्ता से बेदख़ल हो सकते हैं?

Thinkerbabu न्यूज़ डेस्क
05 मार्च 2022

रूसी सेना कीएव समेत यूक्रेन (RussiaUkraineConflict) के कई शहरों में प्रेवश कर चुकी है। भीषण बमबारी में यूक्रेन के शहरों में बड़ी संख्या में जान-माल की क्षति होने की खबर है। रूसी हमले में यूक्रेन के आम नागरिकों की भी मौत हो रही है। लेकिन मुठभेड़ में अच्छी संख्या में रूसी सैनिकों के मरने की भी खबर है। यूक्रेन के अनुसार तो 9,000 रूसी सैनिक यूक्रेन के जवाबी कार्यवाई में मारे गए हैं। अगर यूक्रेन रूसी सैनिकों की मौत की संख्या को बढ़ा-चढ़ा कर भी पेश कर रही है तो भी एक बात स्पष्ट हो चुका है कि रूसी सैनिकों के लिए शहर के अंदर यूक्रेनी सैनिकों से जंग करना कठिन सिद्ध हो रहा है। शहर के अंदर कब्जा कायम करना और उसे बरकरार रखना नामुमकिन भी सिद्ध हो चुका है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।

पहले भी रूस दूसरे देशों पर कब्जा करने में असफल हो चुका है

 साल 1990 में चेचन्या की राजधानी ग्रोज़्नी पर क़ब्ज़ा करने के क्रम में रूसी सैनिकों को बहुत कटु अनुभव मिला था। 1979 से लेकर 1989 तक सोवियत संघ अफ़ग़ान में युद्ध करता रहा लेकिन वहां पूर्णरूप से कब्जा नहीं कर पाया। चेचन्याई सैनिकों की तरह ही यूक्रेनी सैनिक शहर के गलियारों में मोर्चा संभाले हुए हैं जिसे तोड़ना किसी बाहरी मुल्क के सैनिकों के लिए कठिन होता है। इधर नाटो की ओर से यूक्रेन को हथियार मिल ही रहा है। ऐसे में यह सवाल पैदा होना लाजमी है कि आखिर इस युद्ध का निष्कर्ष क्या होगा?

क्या रूस यूक्रेन(RussiaUkraineConflict)में तख्तापलट करने में सफल हो सकता है ?

इस बात का कयास तो हर कोई लगा ही रहा है कि रूस यूक्रेन पर पूर्ण रूप से अपना नियंत्रण स्थापित करने के बजाए वहां कठपुतली सरकार स्थापित करना चाहती है। लेकिन क्या यह सम्भव हो सकता है? खबर यह भी है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति देश छोड़कर पोलैंड चले गए हैं। जानकर बताते हैं कि रूस के पास उनकी हत्या का विकल्प भी है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यूक्रेन में अपने राष्ट्रपति के प्रति लोगों की सहानुभूति बढ़ गयी है। सैनिकों और नागरिकों में राष्ट्रपति पहले की अपेक्षा और लोकप्रिय हो गए हैं। ऐसे में अगर रूस तख्तापलट करके कठपुतली सरकार स्थापित करने में सफल हो भी जाती है तो वहां की जनता उस सरकार का समर्थन करेगी यह कहना मुश्किल होगा। साथ ही नए सरकार को यूक्रेनी सैनिक अपना मान लेंगे इसमें भी संदेह है। इसलिए तख्तापलट आसान नहीं होगा।

एक संभावना यह भी बनती है कि यूक्रेन(RussiaUkraineConflict)के बजाए रूस में ही तख्तापलट हो जाए। पुतिन को राष्ट्रपति पद से हटा दिया जाए। हालांकि पुतिन के कद को देखते हुए यह मानना बहुत कठिन है लेकिन रूस के हालिया हालत इस बात का संकेत दे रही है कि वहां तख्तापलट होने जैसे सम्भावना बन रही है।

रूसी सैनिकों को नागरिकों में पुतिन के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश

किसी भी सरकार या सत्तासीन राष्ट्राध्यक्ष का तख्तापलट करना तब आसान हो जाता है जब वहां की सैनिकों और नागरिकों में उनके खिलाफ आक्रोश बढ़ जाता है। रूस अभी ऐसे ही दौर से गुजर रहा है। रूस की राजनीति की समझ रखने वाले ऐसा मानते है कि मॉस्को में भी सत्ता में परिवर्तन होने की गुंजाइश बन रही है।

आर्थिक प्रतिबंध से रूसी जनता में पुतिन के खिलाफ आक्रोश

पश्चिमी देशों द्वारा एकजुट होकर रूस पर लगाया गया आर्थिक प्रतिबंध का प्रभाव अब स्पष्ट तौर पर नज़र आ रहा है। वैश्विक बाजार में रूस की आर्थिक स्थिति में तेजी से गिरावट हो रही है। इसके साथ साथ रूस ने जब से यूक्रेन(RussiaUkraineConflict) पर हमला करना शुरू किया है उसी दिन से रूसी जनता अपने राष्ट्रपति के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इधर इस संघर्ष में हजारों रूसी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है। आलम यह है कि आर्थिक प्रतिबंध की मार झेलने और हज़ारों सैनिकों के मारे जाने के बाद रूस में पुतिन के समर्थकों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। रूस की सड़कों पर पुतिन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। खबर है कि रूसी सेना, राजनीति और आर्थिक जगत के शीर्ष लोग उनके ख़िलाफ़ हो गए हैं। सरकार अब इनसे कठोरता से निपट भी रही है। इससे इस प्रदर्शन का विद्रोह में बदल जाने से इनकार नहीं किया जा सकता। फिर यह विद्रोह सत्ता परिवर्तन तक की यात्रा कर सकती है।

पश्चिमी देशों रूस में तख्तापलट के फिराक में


यह तो स्पष्ट है ही कि पश्चिम देश रूस में तख्तापलट के लिए प्रयासरत हैं। अमेरिका सहित सभी यूरोपीय देश एकजुट होकर कहें है कि अगर पुतिन की जगह कोई उदारवादी नेता रूस की सत्ता में आता हैं तभी रूस पर लगाया गया प्रतिबंध वापस लिया जा सकता है।

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