पिनारायी विजयन

कहानी उस नेता की जिसने विधानसभा में लहराई थी खून से सनी अपनी शर्ट

आज हम कहानी सुनाने जा रहे हैं एक ऐसे राजनेता की जिसने एक सोची-समझी राजनीतिक दाव के तहत  विधानसभा में खून से सनी अपनी शर्ट लहराई थी और फिर इतने लोकप्रिय हुए कि दुबारा चुनाव जीत गए।

दरअसल, बात है इमरजेंसी के समय की। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी की घोषणा की थी। उस समय पुलिसिया अत्याचार की घटना प्रायः हुआ करती थी। जनमत की आवाज दबाई जाने की खबरे भी बहुत थी। साथ इमरजेंसी के विरोध में व्यापक प्रदर्शन भी हुआ करता है। इमरजेंसी और इंदिरा गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐसा सिलसिला चला कि कई आंदोलनकारी नेता बन कर उभर गए। 

वह आंदोलन जिसने कई बड़े नेता पैदा किया

सरकार विरोधी आंदोलनों ने कई साधारण नेताओं को कद्दावर नेताओं में बदल दिया। ऐसा ही कुछ हुआ केरल के एक नेता के साथ। उस नेता का नाम है पिनारायी विजयन। अन्य विपक्षी पार्टियों की भांति CPI(M) भी सरकार के विरोध में गतिविधियां करती रहती थी।   विजयन उस समय केरल में CPI(M) पार्टी के विधायक थे।  हालांकि उस समय विधायक होने के वावजूद इनकी गिनती पार्टी या राजनीति के कोई बड़े नेता के रूप में नहीं हुआ करती थी। आपातकाल के दौरान कई विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी। जिसमे विजयन भी शामिल थे। विजयन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया थ। वो तकरीबन डेढ़ साल तक जेल में रहे थे। 

जेल में बंद नेताओं का आरोप है कि जेल में उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर किया जाता था। आपातकाल के इतिहास लिखने वाले कई राजनीतिक पत्रकार भी इस बात की चर्चा किया करते है कि जेल में बंद नेताओं का टॉर्चर किया जाता था। जब इमरजेंसी का निर्णय वापस लिया गया तो सभी नेताओं की तरह विजयन भी जेल से निकले। उसके बाद जब विधानसभा का सत्र बुलाया गया तब विजयन अपने भाषण के लिए चर्चित हो गए।

खून से लथपथ शर्ट क्यों लहराना शुरू किया?

 दरअसल, उन्होंने थर्राते हुए भाषण दिया और भाषण के दौरान उन्होंने एक खून से लथपथ शर्ट लहराना शुरू किया। जेल में हुए पुलिसिया अत्याचार का खुलासा करते हुए उन्होंने उस शर्ट को हवा में लहराना शुरू किया। और कहा कि यह उनका शर्ट है जो वो जेल में पहनते थे। उनपर इतना अत्याचार हुआ कि मेरा यह शर्ट खून से लथपथ हो गया। यह अपने आप में पहली घटना है। इसके बाद विजयन की लोकप्रियता जबरदस्त उछाल हुआ। इमरजेंसी के बाद जब विधानसभा चुनाव हुए, तो विजयन फिर से कुथुपरंब से जीते।

इसके बाद उन्होंने फिर कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। पार्टी और सरकार में कई सम्मानित पदों पर रहते के बाद पिनारायी विजयन 2016 में केरल के मुख्यमंत्री बने। अभी 2021 के विधानसभा चुनाव में विजयन केरल के दुबारा मुख्यमंत्री बने।वो केरल के ऐसे वाम नेता हैं जिसे वहां के लोग ‘लुंगी वाला मोदी’ कहते हैं।

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