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हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के परीक्षण से रूस बेहद उत्साहित | Hypersonic Missiles

हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल

खबर है कि रूस ने हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। यह रूस(Russia)के सैन्य शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस की प्रतिष्ठित इंटरफ़ैक्स समाचार एजेंसी की माने तो रूस ने पिछले शुक्रवार को एक फ्रिगेट से लगभग 10 त्सिकरोन हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण किया है। यह आधुनिक पीढ़ी का मिसाइल है। गौरतलब बात यह है कि रूस ने एक पनडुब्बी से दो हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण किया। इसलिए उनका यह परीक्षण और भी खास माना जा रहा है।

हाइपरसोनिक मिसाइल ( Hypersonic Missiles) क्या है?

हाइपरसोनिक मिसाइलें बहुत तेज़ गति से यात्रा करती हैं और ऊपरी वायुमंडल में ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक तेज़ी से पहुँच जाती हैं। इनकी रफ़्तार लगभग 6,200 किमी प्रति घंटे है।

हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल कितनी शक्तिशाली है?

हाइपरसोनिक मिसाइल बहुत शक्तिशाली मानी जाती है जबकि इससे ज़्यादा शक्तिशाली मिसाईल भी हैं मगर इसकी बहुत अहमियत है। हाइपरसोनिक हथियारों को युद्ध के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। ये मिसाईल अपने लक्ष्यों पर स्टीक हमला कर सकते हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन(Vladimir Putin) ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि इस महत्वपूर्ण परीक्षण से हमारे हथियारों के प्रयोग के तरीकों में आधुनिकता आ जायेगी। हमारे हथियार भी तकनीक के आधुनिक पीढ़ी में शामिल हो जाएगा।

 हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण(Hypersonic Weapons)

रूस के राष्ट्रपति ने इस मिसाइल परीक्षण को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने इसे रूस की रक्षा क्षमता को वैश्विक स्तर पर उभारने की दिशा में बेहद खास माना है। हालांकि दुनिया के कुछ विशेषज्ञ इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल भी पैदा कर रहे हैं। मिसाइल परीक्षण करने के बाद पुतिन ने इसे देश के जीवन में एक बड़ी घटना कहा है, और कहा कि यह रूस की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है । भविष्य में हम और भी ऐसे परीक्षण करने वाले हैं।

दुनिया के कई मिसाइल विशेषज्ञों ने इस परीक्षण को उतना महत्वपूर्ण नहीं माना है जितना रूसी राष्ट्रपति बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति, ऊंचाई पर इसकी गतिशीलता पर नियंत्रण तथा इसे ट्रैक करना आसान नहीं होता। ऐसे में इन नई पीढ़ी के हथियारों का प्रयोग और भी जोखिम भरा हो सकता है। आधुनिक पीढ़ी के हथियारों का इस्तेमाल करना कितना उचित होगा जब उस पर नियंत्रण ही न हो। हालांकि रूसी राष्ट्रपति ने इन बातों को जरा भी तरहीज नहीं दी हैं। उन्होंने कहा कि इन हथियारों से अमेरिका के सैन्य बल को पछाड़ने में मदद मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी(America) के साथ सैन्य प्रतिस्पर्धा के कारण रूसी राष्ट्रपति इन परीक्षणों को खूब प्रश्रय दे रहे हैं।

गौरतलब बात यह है कि वर्ष 2018 में ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन यह कह चुके हैं कि उनके देश का हाइपरसोनिक क्रूज़ में इतनी क्षमता है कि वह दुनिया में किसी भी बिंदु को लक्ष्य बना सकते हैं। यहां तक की अमेरिका के मिसाइल शील्ड को भी। यह उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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