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हरियाणा की बहादुर बेटी यूक्रेन में चर्चा का केंद्र बनी

russia ukrain war news in hindi
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28 फरवरी
नाज़िश खान

नई दिल्ली, 24 फरवरी 2022 को रूस द्वारा यक्रेन पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। ऐसे में वहां फंसे भारतीय छात्रों को निकालने में भारत सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस यक्रेन जंग पर एक उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया औऱ किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह द्वारा यक्रेन के पङोसी देशो का दौरा करने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि यूक्रेन से भारतीय छात्रों को भारत लाया जा रहा है। आज 100 छात्र यूक्रेन से भारत सुरक्षित पहुँचे हैं। इसी बीच हरियाणा के चरखी दादरी की 17 साल की बहादुर बेटी ने देश लौटने से इन्कार कर दिया है। इस लड़की का कहना है कि इस वक्त मुझे अपने मकान मालिक का साथ देने की जरूरत है।

अब रूस के साथ युद्ध होने के चलते मकान मालिक सेना में भर्ती हो गए हैं और युद्ध पर निकल गए हैं। इसे देखते हुए मकान मालिक का परिवार और नेहा बंकर में समय बीता रहे हैं। नेहा का कहना है कि जब उसे हॉस्टल में कमरा नहीं मिला था तो इसी परिवार ने उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह रखा। अब ये मुसीबत में हैं तो इनको अकेले नहीं छोड़ सकती। 

यह कहानी हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली नेहा सांगवान की है। नेहा यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। जब वो मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन के कॉलेज गई तो वहां उन्हें हॉस्टल नहीं मिल पाया तो उन्हें एक सिविल इंजीनियर ने अपने घर पर रेंट पर एक कमरा दे दिया। उनका मकान मालिक का पूरा परिवार यूक्रेन के सरकारी निर्देश के अनुसार रूसी हमले से बचने के लिए बंकर में रह रहे हैं। और उनका मकान मालिक खुद रूसी सेना में लड़ने के लिए घर से बाहर चले गए। बंकर में इनका परिवार अकेला है। नेहा ने ऐसी हालत में उनके परिवार नहीं छोड़ना का फैसला किया।

यह पूरा वाकया नेहा की मां की एक दोस्त सविता जाखड़ ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। इसके बाद नेहा की खबर भारतीय मीडिया में छा गयी है।

दरअसल यूक्रेन की नाटो में शामिल होने की मंशा पर रूस ने यक्रेन पर हमला करने का फैसला लिया रूस ने कहा अगर यूक्रेन नाटो मे शामिल होने की मंशा न करता तो रूस हमला न करता लेकिन यूक्रेन ने इसे खारिज कर दिया , हमले से नाटो रूस द्वारा यूएन चार्टर, हेलसिंकी एक्ट, पेरिस चार्टर का उल्लघन करने से नाराजगी जता रहा है, इस बीच ब्रिटेन ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे, ब्रिटेन ने रशियन अरबपति व्यापारियों को व्यापार करने से रोकने का साथ साथ उनकी संपत्ति फलहाल के लिए सीज कर दी, ब्रिटेन के साथ अमेरिका औऱ जर्मनी ने भी प्रतिबंध लगा दिए है

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