लोग मेरा जितना मजाक बनाते गए मैं उतनी ही मजबूत होती चली गयी

By स्वीकृति बचपन से ही मुझे जानवरों से लगाव है। शादी के बाद जब मैं स्थायी रूप से हाजीपुर रहने लगी तब गली के लावारिस…

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कोरोना में अपनों को खोने का गम

कोरोना में अपनों को खोने का गम

कोरोना ने न जाने कितने लोगों के जीवन को सूखे पत्तों की तरह तोड़-मरोड़ कर रख दिया है, जीवन का रस ही निचोड़ लिया है।…

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खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की ज़रुरत

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की ज़रुरत

By मों अलताफ अली 26 साल की भारतीय वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहस रच दिया है। टोक्यो ओलंपिक में…

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खेलों में बिहार की दयनीय स्थिति

By मों अलताफ अली खेलों का महाकुम्भ ओलिंपिक शुरू हो गया जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस बार का ओलिंपिक जापान के टोक्यो शहर में…

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सोनिया मिनोचा

ईमानदार पहल से समाज को बदलने की कोशिश

ईमानदारी पूर्वक सामाजिक कार्य करने वाला इंसान ही समाज की असली सच्चाई को जान पाता है। विज्ञान और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में परचम लहराने वाले…

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अपना जीवन अपना अधिकार

जो हमसे दुर्बल है उसका अपने उपयोग के लिए शोषण करना अमानवीय हरकत है। जब पुरुष औरतों को दुर्बल मानते हैं तो उसका शोषण करते…

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क्षितिज के आगे : आत्मनिर्भर बेटी

बेटियां शादी के बाद पति के आंगन में बंद पिंजरे का तोता होती है। इसलिए परायी भी होती है। इस परम्परागत मानसिकता ने हमे हमारे…

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“आंगन की आकाशगंगा”

बेटी बोझ नहीं होती, हम ही उसके पैरों में बंधन लगाए रखते हैं।  बेटी को आँगन के दहलीज को लांघने दीजिये वो आकाश गंगा बन…

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