बिटकॉइन | bitcoin

बहुत जल्द बिटकॉइन आपूर्ति से बाहर होने वाला है। अब आगे क्या होगा ?

बहुत काम वक़्त में बिटकॉइन ( bitcoin ) की लोकप्रियता दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ी है। गुज़रे साल के 12 महीनों में क्रिप्टोकरेंसी में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है। मगर जिस तरह बिटकॉइन प्रसिद्धि हुआ है उसके साथ कई चुनौतियाँ भी आई हैं। विशेषज्ञों ने ये तो विश्लेषण किया था के बिटकॉइन में तेज़ी आएगी मगर ये उनके अनुमान से भी कहीं अधिक था। एक रिपोर्ट मैं ये बात आई है की अब सिर्फ 21 मिलियन बिटकॉइन का ही खनन होना बाक़ी है ।

bitcoin आपूर्ति से बाहर क्यों होने वाला है ?

बिटकॉइन के निर्माता ने क्रिप्टोकरंसी को दुर्लभ बनाने के लिए असीमित आपूर्ति पर नियंत्रित लगाया था।उनका कॉन्सेप्ट बहुत साफ़ था के बिटकॉइन की आपूर्ति सीमित रहेगी तो इसकी अहमियत मार्किट में बनी रहेगी। अधिक मांग और कम आपूर्ति के कारण इसका मूल्य बढ़ेगा। मगर अब एक बड़ी चुनौती सामने आ गई है कि इस नए साल के पहले महीने की शुरुआत में बिटकॉइन अपनी अधिकतम आपूर्ति के 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

कौन हैं बिटकॉइन को बनाने वाले ?

Satoshi Nakamoto ने बिटकॉइन को बनाया और बिटकॉइन श्वेत पत्र लिखा और पहला ब्लॉकचेन डेटाबेस भी तैयार किया है । मगर ये बात अभी तक राज़ में है के सातोशी नाकामोटो कौन हैं क्योंकि ये नाम ओरिजिनल नाम नहीं है। ये एक छद्म नाम है।

बिटकॉइन ( bitcoin ) का कितना खनन बाक़ी है ?

ब्लॉकचेन डॉट कॉम ने बिटकॉइन पर ताज़ा शोध किया है और उनकी रिपोर्ट में ये बात सामने आई है के अब तक 18.89 मिलियन बिटकॉइन खनन किया जा चुका है। और वे बाजार में घूम रहे हैं। बिटकॉइन को सिर्फ 21 मिलियन सिक्के ही खनन करना है और अब तक 19 मिलियन सिक्के बाज़ार में पहुँच चुके हैं। हालाँकि 19 मिलियन सिक्कों को बेचने में लगभग 12 साल लग गए। यह बात साफ़ है कि अब केवल 2 मिलियन बिटकॉइन का ही खनन किया जा सकता है। और बाज़ार की हालत यह है की बिटकॉइन की माँग हर दिन बढ़ रही है।

Bitcoin Mining क्या है ?

बिटकॉइन माइनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा नए बिटकॉइन मार्किट में आते हैं। इसमें नेटवर्क द्वारा नए लेनदेन की पुष्टि की जाती है। “खनन” परिष्कृत हार्डवेयर का उपयोग करके किया जाता है।

  • सतोशी ने 2008 में अपना प्रसिद्ध बिटकॉइन श्वेतपत्र प्रकाशित किया था जिसमें उन्होंने क्रिप्टोक्यूरेंसी की तकनीकी खूबियों और प्रेरणाओं का डीटेल में वर्णन किया था।
  • 2009 में बिटकॉइन लॉन्च किया गया और अगले ही वर्ष इस प्रोजेक्ट को आम समुदाय को सौंप कर मार्केटिंग शुरू कर दी ।
  • सातोशी ने श्वेतपत्र में बताया था कि कैसे बिटकॉइन एक नई ऑनलाइन भुगतान प्रणाली का आविष्कार करके एक मजबूत इकॉनमी प्रदान करता है।

क्या होगा जब बिटकॉइन आपूर्ति से बाहर हो जायेगा ?

शेष बिटकॉइन का खनन होते ही बिटकॉइन और अधिक दुर्लभ हो जाएगा। यह दुनिया की सबसे क़ीमती संपत्ति के रूप में सामने आएगा।खनिक ब्लॉक पुरस्कारों के बजाय लेनदेन शुल्क पर निर्भर होंगे। बिटकॉइन के खनिकों को सफलतापूर्वक लेनदेन करने के लिए बिटकॉइन के एक ब्लॉक से सम्मानित किया जाता है।मगर जैसे जैसे इसकी वैल्यू बढ़ रही है इनाम हर चार साल में आधा कर दिया जा रहा है। 2008 में, जिन खनिकों को 50 बिटकॉइन मिला था उन्हें 2012 में 25 बिटकॉइन ही मिला फिर 2018 में 12 कर दिया गया और 2024 के अंत तक यह उम्मीद है कि लेन-देन के एक ब्लॉक को सत्यापित करने के लिए खनिक केवल 1.56 बिटकॉइन ही अर्जित कर पाएँगे।

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